मऊ का वो रहस्यमय तालाब

हेलो दोस्तों हम एक बार फिर से हाज़िर है आपके लिए एक नयी और दिलचस्प जानकारी के साथ जैसा की आप सभी जानते ही है हमरी इस धरती के बारे में इसमें बोहोत ही बड़े बड़े रहस्य समाये है जिनमे से कुछ ए-विश्वसनीय और कुछ बेहद ही दिल दहला देने वाले है! ऐसा ही एक रहस्य मउ की धरती में भी समाया हुआ है जिसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे है मऊ में स्थित तालाब पताल गंगा मऊ स्थानीय तहसील से 5 कि.मि दूर दोहरी घाट गराम सभा के पास स्थित ये घाट जिसे 16 वीं सदी में बाबा मीरा शाह जी ने धरती की गोद से निकला जी है दोस्तों ऐसा नहीं है की यह तालाब कोई कुदरत की देन है जैसा की और तालाब या नदियां होती है |

कहा जाता है कई बरस पहले की बात है बाबा मीरा शाह एक दिन नीम की एक छोटी सी दातुन से दातुन कर कहे थे और तभी दातुन करते करते बाबा मीरा शाह जी ने उस दातुन वहीँ जमीन में गाड़ दिया और उस जगह से धीरे धीरे पानी निकलने लगा और देखते ही देखते पानी बढ़ता गया धीरे धीरे उस जगह ने तालाब का रूप ले लिया कहा जाता है ये को साधारण तालाब नहीं है इस तालाब में अद्भुत शक्तियां समायी है बस यही कारन है पुरे गांव में सूखा पड़ने के बावजूद भी यह तालाब हमेशा वैसा ही भरा रहता है कई बार गांव में इतना सूखा पडा की कितना ही गहरा गडडा  खोदा गया पर जमीन सुखी की सुखी ही मिली उस वक्त भी इस तालाब का पानी भरा ही रहा

यही नहीं इस तालाब से बारे में यह भी कहा जाता है किसी कुत्ते का काटा गया जखम अगर इस तालाब में धो दिया जाये तो रोगी ठीक हो जाता है फिर उसे किसी दवा की जरुरत नहीं होती और तो और इस तालाब के बारे में यह भी कहा गया है के | इस तालाब की गहराई कितनी है आज तक कोई पता नहीं लगा सका ऐसा अद्भुत है ये तालाब.

 

 

 

by team DKS Thanks for the visit

Post Author: DKS

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